Bharat ka Itihas – Bodh or Jain Dharm Part -2

Bodh or Jain Dharm – बौद्ध एवं जैन धर्म Part – 2


प्रश्न 1. बौद्ध धर्म ने समाज के दो वर्गों को अपने साथ जोड़कर एक महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ा | ये वर्ग थे –
क. वर्णिक एव पुरोहित
ख. साहूकार एव दास
ग. योद्धा एव व्यापारी
घ. स्त्रियां एव शूद्र

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घ. स्त्रियां एव शूद्र (बौद्ध धर्म ने स्त्रियों और शुद्रो के लिए अपने द्वार खोलकर समाज पर गहरा प्रभाव जमाया | ब्राहाण धर्म ने स्त्रियों और शुद्रो को एक ही दर्जे में रखा और उनके लिए न यज्ञोपवीत संस्कार का विधान किया और न वेदाध्ययन का | बौद्ध धर्म ग्रहण करने पर उन्हें इस अधिकार-हीनता से मुक्ति मिल गई |)



प्रश्न 2. अजन्ता कलाकृतियाँ किससे सम्बंधित है ?
क. हड़प्पा काल से
ख. मौर्य काल से
ग. बौद्ध काल से
घ. गुप्त काल से

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घ. गुप्त काल से (अजन्ता की गुफाओ पर उत्कृण कुछ कलाकृतियों का सम्बन्ध गुप्त काल से है | इसमें बुद्ध से सम्बंधित कहानियों को चित्रित किया गया है |)



प्रश्न 3. बुद्ध ने अपना प्रथम प्रवचन कहा दिया था ?
क. गया
ख. सारनाथ
ग. पाटलिपुत्र
घ. वैशाली

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ख. सारनाथ (बौद्ध ने अपना प्रथम प्रवचन (उपदेश) सारनाथ (ऋषिपतनम) में दिया, जिसे बौद्ध ग्रंथो में धर्मचक्रप्रवर्तन कहा गया है | बुद्ध ने अपने उपदेश जनसाधारण की भाषा पालि ने दिए |)



प्रश्न 4. चित्रकला की गांधार शैली का सूत्रपात किसके द्वारा किया गया था ?
क. हीनयान सप्रदाय
ख. महायान सप्रदाय
ग. वैष्णव सप्रदाय
घ. शैव सप्रदाय

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ख. महायान सप्रदाय ( चित्रकला की गांधार शैली का सूत्रपात महायान सम्प्रदाय द्वारा किया गया था | इसका चरमोत्कर्ष कुषाण वंशी कनिष्क के समय था |)



प्रश्न 5. बौद्धों के विश्वाश अनुसार गौतम बुद्ध का अगला अवतार किसे माना जाता है ?
क. अत्रेय
ख. मैत्रेय
ग. नागार्जुन
घ. कल्कि

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ख. मैत्रेय (बौद्धों के विश्वाश अनुसार गौतम बुद्ध का अगला अवतार मैत्रेय को माना जाता है | इन्हे भावी बोधिसत्व भी कहा जाता है | इनका प्रत्तिक (चिन्ह) कलश होगा | इस उद्देश्य पर महावस्तु, ललित विस्तार तथा अश्वघोष कृत बुद्ध चरित महत्वपूर्ण पुस्तक है |)



प्रश्न 6. धातु से बने सिक्के सबसे पहले प्रकट हुए थे –
क. हड़प्पा सभ्यता मे
ख. उत्तर वैदिक काल मे
ग. बुद्ध के काल मे
घ. मौर्यो के काल मे

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ग. बुद्ध के काल मे (भारत के प्राचीनतम धातु के सिक्को को जो 5वी अथवा 6वी शताब्दी ईसापूर्व (बुद्ध काल) के है, पंचमार्क अथवा आहत सिक्के कहा जाता है | ये अधिकांशत: चांदी के है परन्तु कुछ तांबे के भी आहत सिक्के प्राप्त हुए है, इन्हे आहत इसलिए कहा जाता है क्योकि इन पर अलग से ठप्पा मारकर विभिन्न प्रतीक अंकित किये गए है | ऐसे सिक्के समूचे देश मे तक्छशिला से मगध तक और मगध से मैसूर तक मिले है | )



प्रश्न 7. प्रारंभिक बौद्ध धर्म-ग्रंथो की रचना किसमे की गई थी ?
क. प्राकृत पाठ
ख. पाली पाठ
ग. संस्कृत पाठ
घ. चित्रलेखीय पाठ

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ख. पाली पाठ (प्रारंभिक बौद्ध ग्रंथो की रचना पाली पाठ मे की गई थी | पाली उस समय आम जनो की भाषा थी | बाद मे बौद्ध धर्म ग्रन्थ संस्कृत मे भी लिखे गए |)



प्रश्न 8. आरंभिक बौद्ध साहित्य किस भाषा मे रचे गए ?
क. संस्कृत
ख. प्राकृत
ग. पालि
घ. शौरसेनी

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ग. पालि (उपयुक्त प्रश्न की व्याख्या देखे |)



प्रश्न 9. निम्नलिखित मे से बोद्धो का पवित्र ग्रन्थ कौन-सा है ?
क. वेद
ख. उपनिषद
ग. त्रिपिटक
घ. जातक

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ग. त्रिपिटक (त्रिपिटक (सुत्तपिटक, विनयपिटक, अभिधम्मपिटक) बोद्धो का पवित्र ग्रन्थ है | सुत्तपिटक मे बौद्ध धर्म के उपदेश संग्रहित है | )



प्रश्न 10. निम्नलिखित मे से किसके सासनकाल के दौरान प्रशिद्ध अजन्ता गुफाओ मे उत्क्रीर्णन का काम सबसे पहले शुरू किया गया था ?
क. कदम्ब
ख. सातवाहन
ग. राष्ट्रकूट
घ. मराठा

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ख. सातवाहन (अजंता की गुफाओ मे उत्क्रीर्णन का काम सर्वप्रथम सातवाहन काल मे शुरू किया गया था | अजन्ता मे निर्मित कुल 29 गुफाओ मे से वर्तमान मे केवल 6 ही शेष है, जिसमे गुफा संख्या 16 तथा 17 के चित्रों का सम्बन्ध गुप्त काल से है |)


 

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